बेवफा शायरी हिन्दी में – Bewafa Shayari in Hindi

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बेवफा शायरी हिन्दी में - Bewafa Shayari in Hindi
बेवफा शायरी हिन्दी में – Bewafa Shayari in Hindi

जीने की ख्वाहिश में हर रोज़ मरते हैं,
वो आये न आये हम इंतज़ार करते हैं,
झूठा ही सही मेरे यार का वादा है,
हम सच मान कर ऐतबार करते हैं ।

Jeene Ki Khwaish Me Har Roz Marte Hai,
Wo Aaye Na Aaye Hum Intezaar Karte Hai,
Jutha Hi Sahi Mere Yaar Ka Vaada Hai,
Hum Sach Maankar Aitbar Karte Hai.

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जीने की ख्वाहिश में हर रोज़ मरते हैं, वो आये न आये हम इंतज़ार करते हैं,
झूठा ही सही मेरे यार का वादा है, हम सच मान कर ऐतबार करते हैं..

टूटे हुए दिल ने भी उसके लिए दुआ मांगी, मेरी साँसों ने हर पल उसकी ख़ुशी मांगी,
न जाने कैसी दिल्लगी थी उस बेवफा से, के मैंने आखिरी ख्वाहिश में भी उसकी वफ़ा मांगी..

घर बना कर मेरे दिल में, वो चली गई है,
ना खुद रहती है, ना किसी और को बसने देती है..

दो कदम चलकर अक्सर हम रुक जाया करते है,
क्यों इंतजार रहता है उनका,
जो राह में छोड़कर चले जाया करते है।।

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दर्द है दिल में पर इसका एहसास नहीं होता, रोता है दिल जब वो पास नहीं होता,
बर्बाद हो गए हम उसके प्यार में, और वो कहते हैं इस तरह प्यार नहीं होता

तुम बताओ तो मुझे किस बात की सजा देते हो, मंदिर में आरती और महफ़िल में शमां कहते हो।
मेरी किस्मत में भी क्या है लोगो जरा देख लो, तुम या तो मुझे बुझा देते हो या फिर जला देते हो..

खामोशी से बिखरना आ गया है, हमें अब खुद उजड़ना आ गया है,
किसी को बेवफा कहते नहीं हम, हमें भी अब बदलना आ गया है,
किसी की याद में रोते नहीं हम, हमें चुपचाप जलना आ गया है,
गुलाबों को तुम अपने पास ही रखो, हमें कांटों पे चलना आ गया है|

तक़दीर ने हमें आज़माया बहुत, हमने उसे मनाया बहुत
जिसकी ज़िंदगी ख़ुशियों से सजा दी, उसी शख़्स नें हमें रुलाया बहुत

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पल पल उसका साथ निभाते हम, एक इशारे पर दुनिया छोड जाते हम
समदर के बीच मै पहुचॅ कर फरेब किया उसने, वो कहता तो किनारे पर ही डूब जाते हम

मेरा यूँ टुटना और टूटकर बिखर जाना, कोई इत्फाक नहीं,
किसी ने बहुत कोशिश की है, मुझे इस हाल तक पहुँचाने में…

छोड़ दिया हमने उसका दीदार करना, हमेशा के लिए…
जिसको प्यार की कदर ना हो, उसे मुड़ मुड़ के क्या देखना…..!!

इतनी शिद्दत से चाहा जाए, तो पत्थर भी अपने हो जाते हैं….ऐ खुदा..
न जाने ये मिट्टी का इनसान, इतना मगरूर क्यों होता है

मोहब्बत का मेरा सफर आखिरी है, ये कागज, कलम ये गजल आखिरी है,
मैं फिर मिलूं ना मिलूं कहीं ढूंढ लेना, तेरे दर्द का ये असर आखिरी है।

ना पूछ मेरे सब्र की इंतेहा कहाँ तक हैं, तू सितम कर ले, तेरी हसरत जहाँ तक हैं
वफ़ा की उम्मीद, जिन्हें होगी उन्हें होगी, हमें तो देखना है, तू बेवफ़ा कहाँ तक हैं |

एक दिन ऐसा आएगा सल्तनत भी मेरी होगी, और ‪हुकूमत‬ भी मेरी होगी
बस फर्क सिर्फ इतना होगा कि वहाँ, राजा मै होऊँगा और मुजरे_वाली तू होगी

टूटे हुए दिल ने भी उसके लिए दुआ मांगी, मेरी साँसों ने हर पल उसकी ख़ुशी मांगी,
न जाने कैसी दिल्लगी थी उस बेवफा से, के मैंने आखिरी ख्वाहिश में भी उसकी वफ़ा मांगी

मौसम मे जुदाई के गर तेरा दीदार हो जाये ।
तो मेरा दिल भी सनम तेरा कर्जदार हो जाये ।
तुम जो छोङ कर गये हो हमको तन्हां,
है बद्दुवा मेरी की तुम को भी प्यार हो जाये ॥

वादा-ए-वफ़ा करो तो, फिर खुद को फ़ना करो,
वरना खुदा के लिए किसी की ज़िंदगी ना तबाह करो

कौन कहता है हम उसके बिना मर जायेंगे, हम तो दरिया है समंदर में उतर जायेंगे
वो तरस जायेंगे प्यार की एक बून्द के लिए, हम तो बादल है प्यार के किसी और पर बरस जायेंगे

प्यार में वो हम को बेपनाह कर गये, फिर ज़िनदगीं में हम को तन्नहा कर गये,
चाहत थी उनके इश्क में फ़नाह होने की, पर वो लौट कर आने को,भी मना कर गये..

सुकून ऐ दिल के लिए कभी हाल ही पूँछ लिया करो…
मालूम तो हमें भी है कि हम आपके अब कुछ नहीं लगते..

तेरे जाने से कुछ नही बदला, बस पहले जहां दिल होता था, अब वहां दर्द होता है

ज़रा सी बात पे ना छोड़ना किसी का दामन उम्रें बीत जाती हैं दिल का रिश्ता बनाने में ….
मुझसे ‘नफरत’ तभी करना जब आप मेरे बारे मे ‘सबकुछ’ जानते हो तब नहीं जब किसी से ‘कुछ’ सुना हो ।
मैं कई अपनों से वाक़िफ़ हूँ जो पत्थर के बने हैं !!!